फेंगशुई के अनुसार:-

आपके स्नानघर में रखा नमक का कटोरा या इस्तेमाल की जाने वाली नीली बाल्टी आपके लिए शुभ समाचार ला सकते हैं। ठीक विपरीत यहां लगे एक से ज्यादा दर्पण आपकी परेशानियों की वजह भी हो सकते हैं! बाथरूम फेंगशुई के अनुसार क्या है सही और क्या नहीं, जानना चाहती हैं, तो जरा गौर फरमाएं-

जीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाने में स्नानघर (बाथरूम) फेंगशुई भी अहम भूमिका निभाता है।

बिगड़ते हैं काम:-

 फेंगशुई विशेषज्ञों के मुताबिक घर में गलत दिशा में स्नानघर होने पर बनते काम बिगड़ते हैं और तरक्की के रास्ते में रुकावटें आती हैं। इनकी राय में घर के केन्द्र में बाथरूम स्थापित नहीं किया जाना चाहिए, ऐसा करने से सभी दिशाएं दूषित हो जाती हैं। वहीं ईशान कोण (उत्तर-पूर्व कोना) पर बाथरूम बना दिया जाए, तो बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ता है। साथ ही, घर में रहने वाले जातक को मानसिक अशांति रहती है। इसलिए फेंगशुई के तहत ईशान कोण पर बाथरूम बनाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। वैसे, घर के बाथरूम के लिए उत्तम दिशाएं दक्षिण, पश्चिम और पूर्व मानी गई हैं।

आसान हैं उपाय:-

यदि आपके बाथरूम में भी किसी तरह का फेंगशुई दोष है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं, क्योंकि फेंगशुई में इसके उपाय मौजूद हैं। एक बार इन्हें आजमाकर देखें, बदलाव जरूर महसूस होगा।

ध्यान रहे!:-

बाथरूम को फेंगशुई दोष से मुक्त रखने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना जरूरी होगा, जैसे-

बाथरूम के दरवाजे के ठीक सामने दर्पण लगाएं। नहाने जाते वक्त हमारे साथ-साथ कुछ नकारात्मक ऊर्जाएं भी बाथरूम में प्रवेश कर जाती हैं। ऐसे में दरवाजे के ठीक सामने दर्पण लगा हुआ हो, तो यह ऊर्जा परावर्तित होकर पुन: घर में लौट आती है।हर 7-10 दिनों के अंदर घर का बाथरूम साफ करें।

साफ बाथरूम में हानिकारक किरणों अधिक देर तक नहीं रह पाएंगी। यह उपाय फेंगशुई के साथ-साथ आपकी सेहत के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण है।फेंगशुई के मुताबिक बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी रखना शुभ होता है। वैसे किसी और रंग की बाल्टियां पहले से घर में मौजूद हैं, तो भी कोई बात नहीं, आप इन्हें भी उपयोग में ला सकती हैं। बाथरूम में रखी बाल्टी हमेशा पानी से भरी रहे, इस बात का खास ख्याल रखें, यह उपाय आपके जीवन में खुशियों के स्थायित्व को बनाए रखने में मददगार होगा।बाथरूम को सजाने के लिए आप प्राकृतिक या पानी के दृश्यों को दर्शाती सीनरी लगा सकती हैं। कहते हैं इससे पानी की कमी जैसी समस्याएं परेशान नहीं करतीं।बाथरूम में इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ें साबुन, शैम्पू, स्क्रब आदि हमेशा खुशबूदार और तौलिया, साबुन केस, ब्रश होल्डर आदि खुशनुमा रंग के चुनें।फेंगशुई के मुताबिक, उत्तर या पश्चिम की दिशा में कमोड लगाना सेहत के लिहाज़ से ठीक माना जाता है। कमोड का ढक्कन हमेशा नीचे की ओर यानी बंद करके रखें। यह कीटाणुओं और नकारात्मक ऊर्जा को फैलने से रोकने में आपकी मदद करेगा।बाथरूम घर के फर्श के बीच कम से कम दो इंच का अंतर होना चाहिए। और दोनों फर्शो के बीच देहरी बनी हुई हो तो और भी अच्छा होगा। माना जाता है इससे नकारात्मक या दूषित ऊर्जाएं बाथरूम से घर में आसानी से प्रवेश नहीं कर पातीं। इसके अलावा बाथरूम में बाहर की ओर खुलने वाला एक रोशनदान लगाना भी बेहतर उपाय है।बाथरूम के दरवाजे अंदर की ओर खुलने वाले होने चाहिए। यहां के दरवाजे हमेशा बंद रखें, ताकि नकारात्मक ऊर्जाएं आसानी से घर में प्रवेश कर पाएं।फेंगशुई के अनुसार बाथरूम में एक से ज्यादा दर्पण लगाना वर्जित है। कहते हैं एक से ज्यादा दर्पण होने पर सकारात्मक ऊर्जाओं के परिवर्तित होकर आपस में टकराने की सम्भावना बढ़ जाती है।बाथरूम में सामान रखने के लिए हमेशा दरवाजे वाला (क्लोज रैक) ही चुनें। बाथरूम की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ यह घर के व्यवस्थित होने का संकेत देता है।

क्रिस्टल बॉल:-

फेंगशुई के कई विकल्पों में से तरीका बहुत ही प्रचलित है। बाथरूम के दरवाजे की चौखट के बीचों-बीच क्रिस्टल बॉल टांग दें। दोष को दूर करने का यह विकल्प काफी कारगर साबित होता है।

टॉयलेट बगुआ:-

यह एक प्लेटनुमा आकृति होती है, जिसमें तकरीबन आठ तरह के फेंगशुई चिन्ह बने होते हैं। कहते हैं बाथरूम की सीलिंग पर इसे लगाने के बाद किसी भी तरह का बाथरूम फेंगशुई दोष दूर हो जाता है।

नमक का कटोरा:-

बाथरूम में खड़े नमक या फिटकरी से भरा एक कटोरा रखें। हर महीने इस कटोरे के नमक को बदलती रहें। कहते हैं हवा में मौजूद नमी के साथ-साथ यह नमक आसपास की नकारात्मक ऊर्जाओं को भी अपने अंदर समाहित कर लेता है।